दीपक तले अँधेरा ..
>> Monday, 13 September 2010
ज़िंदगी के चाक पर
भावनाओं की मिट्टी गूँथ
छोटी छोटी ख्वाहिशों के
दिए बना
चढा दिया था
यथार्थ के ताप पर
जिम्मेदारियों के
तेल में भिगो
अरमानो की बाती
जला दी थी
आज उजाला है चारों ओर
बस है तो
दीपक तले अँधेरा ....



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