copyright. Powered by Blogger.

तेरे होने का एहसास

>> Wednesday, 6 April 2011






निशा का 
अंतिम प्रहर हो 
अम्बर मेघ से 
आच्छादित 
मेरे मन की 
धरती पर 
छाई हो 
गहन धुंध 
ऐसे में -
मात्र तेरे 
होने का एहसास 
सूरज की 
किरण बन 
भर देता है 
मेरे मन में उजास ..


Visit Us @ www.Fropki.com

74 comments:

Sonal Rastogi Wed Apr 06, 03:46:00 pm  

किसी का होना कितना संबल देता है
सुन्दर रचना

बाबुषा Wed Apr 06, 03:49:00 pm  

Wow ! Its so beautiful n touching ma ! :)

Sadhana Vaid Wed Apr 06, 03:58:00 pm  

इस उजास का इंतज़ार किसको नहीं होता ! यह रोशनी कभी मंद ना पड़े यही प्रार्थना है ! थोड़े शब्दों में बड़ी मनभावन बात कह दी आपने ! बहुत सुंदर रचना ! बधाई स्वीकार करें !

सदा Wed Apr 06, 04:05:00 pm  

वाह...बहुत ही खूबसूरत भावमय करते शब्‍द ....।

Er. सत्यम शिवम Wed Apr 06, 04:10:00 pm  

तेरे होने का एहसास...यही तो जीने की प्रेरणा देता है हमे.......बहुत सुंदर।

shikha varshney Wed Apr 06, 04:11:00 pm  

कुछ एहसास जीवन रक्षक की भांति होते हैं.और उनका इंतज़ार सबको होता है.
बहुत ही प्यारे अहसास से बुनी बहुत ही प्यारी पंक्तियाँ.

रश्मि प्रभा... Wed Apr 06, 04:40:00 pm  

aur main us ujaas se andhera door karti jati hun...
kya likhti hain aap, mann khush ho jata hai

Khare A Wed Apr 06, 04:41:00 pm  

ऐसे में -
मात्र तेरे
होने का एहसास
सूरज की
किरण बन
भर देता है
मेरे मन में उजास ..

bakai khoobsuat ehsaas he ye...

Dilbag Virk Wed Apr 06, 04:55:00 pm  

achchha roopak bandha hai aapne
sunder kvita ke lie bdhaai

ashish Wed Apr 06, 04:59:00 pm  

जीवन में उजाला. अंतस का तमस छू मंतर, निशा का अंत प्रभात का आगमन . हम तो भाव विह्वल है जी . मन की घंटी बज रही है

प्रवीण पाण्डेय Wed Apr 06, 05:23:00 pm  

तेरे होने का विश्वास,

इसी से तो विश्व चल रहा है।

डॉ टी एस दराल Wed Apr 06, 05:32:00 pm  

बहुत सुन्दर अहसास ।

Sawai Singh Rajpurohit Wed Apr 06, 05:43:00 pm  

ऐसे में -
मात्र तेरे
होने का एहसास

क्या बात है बहुत खूब एहसास

रेखा श्रीवास्तव Wed Apr 06, 05:43:00 pm  

isi vishvas aur ahsaas ke sath to sabhi jee rahe hain.
ahsaah hi shakti bankar sath hota hai.

मनोज कुमार Wed Apr 06, 05:44:00 pm  

हर परिस्थिति में वही तो सबसे बड़ा संबल है।

अरुण चन्द्र रॉय Wed Apr 06, 05:54:00 pm  

बहुत ही प्यारे अहसास से बुनी बहुत ही प्यारी पंक्तियाँ.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) Wed Apr 06, 06:05:00 pm  

सुन्दर एहसासों को लेकर बढ़िया अभिव्यक्ति!

ज्योति सिंह Wed Apr 06, 06:14:00 pm  

yahi aas -vishvaas furti jagati hai .behad sundar .

डा. अरुणा कपूर. Wed Apr 06, 06:22:00 pm  

वाह!..यही एह्सास ऑक्सिजन का काम करता है!...बहुत सुंदर रचना!

..बात का बतंगड...में कुछ अलग ही विषय पर मैने लिखा है....अवश्य पधारें!

संध्या शर्मा Wed Apr 06, 06:49:00 pm  

मात्र तेरे
होने का एहसास
सूरज की
किरण बन
भर देता है
मेरे मन में उजास ..
बहुत ही कम शब्दों बड़े ही खूबसूरत और मनभावन अहसास भर दिए इस रचना में आपने.. बहुत सुंदर रचना.. बधाई स्वीकार करें...

VIJUY RONJAN Wed Apr 06, 06:56:00 pm  

Nahut sahi kaha aapne.Kisi ke hone ka ehsas roshni ka katra hota hai...jismein naha ke ham swarnim kanti se bhar jaate hain ya fir chandra kiran ki sheetal chhanh mein sukoon paate hain..

Aapki nazmein dekhan mein chhotan lage par har le man ka peer....

M VERMA Wed Apr 06, 07:14:00 pm  

बहुत कोमल हैं ये एहसास

: केवल राम : Wed Apr 06, 07:18:00 pm  

यह उजास बना रहे ..आशा जिन्दगी का दूसरा नाम है

Kailash C Sharma Wed Apr 06, 08:01:00 pm  

किसी के होने का अहसास ही कितना सुकून देता है..बहुत भावपूर्ण अभिव्यक्ति ...बहुत सुन्दर

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार Wed Apr 06, 08:28:00 pm  

मात्र तेरे
होने का एहसास
सूरज की
किरण बन
भर देता है
मेरे मन में उजास …



स्वजन के स्नेह की स्मृतियों की सुंदर अनुभूति आपकी इस लघु रचना से स्वतः ही छलक रही है ………
बहुत भाव पूर्ण लिखा है आपने …!

आदरणीया संगीता जी
सादर सस्नेहाभिवादन !
प्रणाम !

अच्छी रचना के लिए आभार !

गणगौर पर्व और नवरात्रि उत्सव की शुभकामनाएं !

साथ ही…

*नव संवत्सर की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !*

नव संवत् का रवि नवल, दे स्नेहिल संस्पर्श !
पल प्रतिपल हो हर्षमय, पथ पथ पर उत्कर्ष !!

चैत्र शुक्ल शुभ प्रतिपदा, लाए शुभ संदेश !
संवत् मंगलमय ! रहे नित नव सुख उन्मेष !!


- राजेन्द्र स्वर्णकार

kshama Wed Apr 06, 08:40:00 pm  

Ek chhoti-si rachana me kitna kuchh kah deteen hain aap!

sheetal Wed Apr 06, 08:50:00 pm  

man ko chu gayi ye rachna
kisi ke hone ka ahsaas bhale
hi wo paas ho ya dur jeevan main
khushiyon ka ujjala bhar deta hain.

ek baar fir aapko is rachna ke liye
badhai deti hun.

अनामिका की सदायें ...... Wed Apr 06, 09:00:00 pm  

insan ta-umr man ke is ujas ko paane ke liye bhatakta rahta hai ....aur aapne paa liya...iske liye badhayi.dua hai uske hone ka ehsas sada aapki jindgi ko ujas deta rahe.

sushma 'आहुति' Wed Apr 06, 09:03:00 pm  

such me kisi ke hone ka ehsaas hi zindgi ko khas banata hai... bhut khubsurat rachna hai...

Parul Wed Apr 06, 09:38:00 pm  

waah....kam alfaazon mein khoobsurati bharne ka hunar aap mein hi hai! :)

प्रतिभा सक्सेना Wed Apr 06, 11:43:00 pm  

बहुत बड़ी चीज़ है एहसास -बना रहे हमेशा !यह न हो तो इंसान सिर्फ़ मशीन बन कर रह जाए.

इस्मत ज़ैदी Wed Apr 06, 11:49:00 pm  

मात्र तेरे
होने का एहसास
सूरज की
किरण बन
भर देता है
मेरे मन में उजास …

संगीता जी शायद हर जज़्बाती इंसान का सच यही है

डॉ॰ मोनिका शर्मा Thu Apr 07, 12:11:00 am  

बहुत ही खूबसूरत भावमय एहसास.....आभार

ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι Thu Apr 07, 08:11:00 am  

लाज़वाब अभिव्यक्ति "गीत" जी को बहुत बहुत बधाई।

Dr. Ashok palmist blog Thu Apr 07, 08:34:00 am  

बहुत ही शानदार लेखन है आपका । आभार संगीता दी ।

PRIYANKA RATHORE Thu Apr 07, 08:51:00 am  

kisi ke hone ka ahsas...yhi jivan ko rang deta hai...bahut khoob...aabhar

मुदिता Thu Apr 07, 09:12:00 am  

क्या बात है दीदी ...वाह...सर्दियों की कुनकुनी धूप सा है यह एहसास तो....:) :)

डॉ. हरदीप संधु Thu Apr 07, 11:33:00 am  

थोड़े शब्दों में बड़ी बात ....कोमल एहसास
बहुत सुंदर रचना
बधाई !

इमरान अंसारी Thu Apr 07, 02:29:00 pm  

संगीता जी,

खूबसूरत.....किसी के होने से कभी-कभी जिंदगी बदल जाती है ये तो सिर्फ रात है .....प्रशंसनीय|

मेरे भाव Thu Apr 07, 02:39:00 pm  

प्रीत का चमत्कार .

ZEAL Thu Apr 07, 04:41:00 pm  

wow ..You made me feel romantic.

Mrs. Asha Joglekar Thu Apr 07, 05:25:00 pm  

Yah ujas hee to hai jo janhan ko roshan kar detee hai chahe wah man ka jahna ho ya baharee.

Vaanbhatt Thu Apr 07, 07:25:00 pm  

sangeta ji, jab suraj paas ho to andhera kahan phatkega...sundar bhaav...

सतीश सक्सेना Thu Apr 07, 09:49:00 pm  

बहुत खूब ! ! शुभकामनायें आपको !!

Dr Varsha Singh Fri Apr 08, 01:16:00 am  

अहसास का खूबसूरत बयान...

Dr (Miss) Sharad Singh Fri Apr 08, 01:18:00 am  

अंतस को छूते अहसासों की सुन्दर कविता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं...

धीरेन्द्र सिंह Fri Apr 08, 01:35:00 pm  

किसी अपने का होने का अहसास ही ज़िंदगी में विश्वास भर देता है। सुंदर।

हरकीरत ' हीर' Fri Apr 08, 04:09:00 pm  

वाह...वाह .....

ये उजास यूँ ही भरा रहे ....!!

Rajesh Kumari Sat Apr 09, 08:18:00 am  

first time aapke blog per visit kiya hai.bahut pyaari najm padhne ko mili.aapki sabhi rachnayen ek ek ker padhna chahungi.bahut achcha lagta hai apni rachnaaon per auoron ki pratikriyayen janna.sadhanyavaad aapko badhaai.

nivedita Sat Apr 09, 07:44:00 pm  

किसी के होने का विश्वास ही आत्मविश्वास बन जाता है । प्रभाव जगाती रचना ....

Amrita Tanmay Sat Apr 09, 08:44:00 pm  

सुंदर कविता..यूँ ही भरा रहे ये उजास ...

सुमन'मीत' Sat Apr 09, 10:35:00 pm  

bahut sundar.....
ahsas bahut kuchh de jata hai...

mahendra verma Sun Apr 10, 02:19:00 pm  

यही अहसास तो जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
उत्तम भावों को अभिव्यक्त करती सुंदर कविता।

Radhe Radhe Satak Bihari Sun Apr 10, 10:00:00 pm  

एक चोरी के मामले की सूचना :- दीप्ति नवाल जैसी उम्दा अदाकारा और रचनाकार की अनेको कविताएं कुछ बेहया और बेशर्म लोगों ने खुले आम चोरी की हैं। इनमे एक महाकवि चोर शिरोमणी हैं शेखर सुमन । दीप्ति नवाल की यह कविता यहां उनके ब्लाग पर देखिये और इसी कविता को महाकवि चोर शिरोमणी शेखर सुमन ने अपनी बताते हुये वटवृक्ष ब्लाग पर हुबहू छपवाया है और बेशर्मी की हद देखिये कि वहीं पर चोर शिरोमणी शेखर सुमन ने टिप्पणी करके पाठकों और वटवृक्ष ब्लाग मालिकों का आभार माना है. इसी कविता के साथ कवि के रूप में उनका परिचय भी छपा है. इस तरह दूसरों की रचनाओं को उठाकर अपने नाम से छपवाना क्या मानसिक दिवालिये पन और दूसरों को बेवकूफ़ समझने के अलावा क्या है? सजग पाठक जानता है कि किसकी क्या औकात है और रचना कहां से मारी गई है? क्या इस महा चोर कवि की लानत मलामत ब्लाग जगत करेगा? या यूं ही वाहवाही करके और चोरीयां करवाने के लिये उत्साहित करेगा?

वन्दना अवस्थी दुबे Mon Apr 11, 11:10:00 pm  

क्या बात है संगीता जी! छोटी-छोटी नज़्म लिखने में तो आप सिद्ध हस्त हैं.

aakash Wed Apr 13, 04:42:00 pm  

भावपूर्ण रचना|
तेरे होने का एहसास मात्र ही काफी है जीने के लिए|

kshama Wed Apr 13, 08:29:00 pm  

Wah! Aprateem rachana!Kitna sundar ehsaas hoga ye!

***Punam*** Thu Apr 14, 05:05:00 pm  

"ऐसे में -
मात्र तेरे
होने का एहसास
सूरज की
किरण बन
भर देता है
मेरे मन में उजास .."

और फिर हर सू उजाला ही उजाला ....
खूबसूरत !!

संजय भास्कर Tue Apr 19, 12:31:00 pm  

खूबसूरत.......प्रशंसनीय

Dinesh pareek Sun Apr 24, 06:07:00 pm  

अति उत्तम ,अति सुन्दर और ज्ञान वर्धक है आपका ब्लाग
बस कमी यही रह गई की आप का ब्लॉग पे मैं पहले क्यों नहीं आया अपने बहुत सार्धक पोस्ट की है इस के लिए अप्प धन्यवाद् के अधिकारी है
और ह़ा आपसे अनुरोध है की कभी हमारे जेसे ब्लागेर को भी अपने मतों और अपने विचारो से अवगत करवाए और आप मेरे ब्लाग के लिए अपना कीमती वक़त निकले
दिनेश पारीक
http://kuchtumkahokuchmekahu.blogspot.com/

Markand Dave Mon May 02, 08:23:00 am  

आदरणीय बहन सुश्रीसंगीताजी,

अद्भुत रचना।

"TO BE 4 SOME ONE (GOD..!!)"

समर्पण भाव का सटीक बयान,आपको ढेरों बधाई।


"मात्र तेरे
होने का एहसास
सूरज की
किरण बन
भर देता है
मेरे मन में उजास।"

धन्यवाद।

मार्कण्ड दवे।

Markand Dave Mon May 02, 08:34:00 am  

प्यारे दोस्तों,

अगर आप मूल रचनाकार हैं,तो आपके सृजनकी रक्षा के लिए, निम्न आलेख, मेरे ब्लॉग पर, आकर ज़रूर पढें ।


कॉपीराइट एक्ट | HELPFUL HAND BOOK
(प्रतिलिपि अधिकार अधिनियम)

[url=http://mktvfilms.blogspot.com/2011/04/helpful-hand-book.html]कॉपीराइट एक्ट|HELPFUL HAND BOOK[/url]


http://mktvfilms.blogspot.com/2011/04/helpful-hand-book.html

मार्कण्ड दवे।

Maheshwari kaneri Sun May 08, 10:34:00 pm  

एहसास की सुन्दर अभिव्यक्ति है। मातृ दिवस की बधाई । धन्यवाद ।

नश्तरे एहसास ......... Mon May 23, 10:52:00 am  

एक एक कर आपकी हर रचना पढ़ रही हूँ और हर रचना एक से बढ़ कर एक लग रही है....
यह भी बहुत अची लगी!!हमारे ब्लॉग पर आकर कमेन्ट करने क लिए बहुत बहुत धन्यवाद्.....:)
हमने आपको फोल्लो कर लिया है......

aakash Thu May 26, 12:13:00 pm  

sundar rachna nehaji jaari rakhe....
kabhi fursat mile to hamare dar par bhi tashrif laiyega.
pata hai .http://kashikenjare.blogspot.com/

आशा Fri Jun 24, 12:37:00 pm  

बहुत सुंदर भाव |
आशा

mehek Sat Dec 17, 09:42:00 am  

ek khubsurat sham ka suhana varnan waah.

About This Blog

Labels

Lorem Ipsum

ब्लॉग प्रहरी

ब्लॉग परिवार

Blog parivaar

हमारी वाणी

www.hamarivani.com

लालित्य

  © Free Blogger Templates Wild Birds by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP