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माँ की याद .... कुछ हाइकु रचनाएँ ...

>> Sunday, 13 May 2012



माँ का आँचल 
आज भी लहराता 
सुखद यादें ।

******************
मीठी निबौरी 
माँ  की  फटकार 
गुणी औषध ।

**************
माँ का लगाया 
काजल का दिठौना
याद है मुझे 

*****************
राह तकते
करती  इंतज़ार 
माँ की नज़र ।

***************
माँ का  आशीष 
महसूस करूँ मैं 
यही चाहना ।
*******************




57 comments:

Vaanbhatt Sun May 13, 08:29:00 pm  

घर में झीने रिश्ते में लाखों बार उघडते देखे
चुपके-चुपके कर देती है जाने कब तुरपाई अम्मा...

माँ पर आलोक श्रीवास्तव की ग़ज़ल का ये शेर साझा करने से रोक नहीं सका...खूबसूरत भाव लिए हाइकु...

रश्मि प्रभा... Sun May 13, 08:30:00 pm  

वही डिठौना तो लगाया अपने बच्चे को ... माँ की महिमा नन्हें नहें हाइकु से डिठौने में

दिलबाग विर्क Sun May 13, 08:34:00 pm  

बेहद खूबसूरत हाइकु

shikha varshney Sun May 13, 08:36:00 pm  

मेरे सिर पे
माँ का दुलारा हाथ
रहे हमेशा..

आपकी ममतामयी हाइकुओं ने मुझसे भी मेरा पहला. हाइकू रचवा दिया :).
हैप्पी मदर्स डे दी !!!!

मनोज कुमार Sun May 13, 08:36:00 pm  

ये वो तस्वीर है जो दुनिया को उज्ज्वल रखती है। विश्व की हर जननी को नमन।

shikha varshney Sun May 13, 08:40:00 pm  
This comment has been removed by the author.
Sadhana Vaid Sun May 13, 08:48:00 pm  

मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनायें संगीता जी ! हर हाइकू माँ के स्नेहिल आँचल की तरह हौले से सहला जाता है और मन को विभोर कर जाता है ! बहुत सुन्दर लिखा है आपने ! बधाई एवं शुभकामनायें !

वन्दना Sun May 13, 08:48:00 pm  

वाह हाइकू के माध्यम से माँ की महिमा का गुणगान बहुत सुन्दर्………माँ को नमन्।

रचना दीक्षित Sun May 13, 08:49:00 pm  

माँ का आशीष
महसूस करूँ मैं
यही चाहना ।

माँ का आशीष सम्पूर्ण कल्याण करने वाला है. सुंदर भावपूर्ण और ममतामयी हाईकू. हैप्पी मदर्स डे.

Vibha Rani Shrivastava Sun May 13, 08:51:00 pm  

माँ को नमन .... !!
*माँ का आशीष
महसूस करूँ मैं
यही चाहना |*
सबकी चाह बस यही होती .... !!

dheerendra Sun May 13, 09:05:00 pm  

मातृ दिवस पर
...बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति....

चार पंक्तियाँ माँ के सम्मान में ,...

माँ की ममता का कोई पर्याय हो नहीं सकता
पूरी दुनिया में माँ तेरे जैसा कोई हो नही सकता
माँ तेरे चरण छूकर सलाम करता हूँ
सभी माताओ को प्रणाम करता हूँ..

यादें....ashok saluja . Sun May 13, 09:08:00 pm  

ममता की मूरत ...बस!
माँ की सूरत ....
उनको नमन !

Anupama Tripathi Sun May 13, 09:23:00 pm  

सफल प्रयास ....
बहुत शानदार हाईकू ...!!
माँ को नमन ...!!

प्रतिभा सक्सेना Sun May 13, 09:39:00 pm  

माँ का आशीष
महसूस करूँ मैं
यही चाहना ।
*
-यही चाहना मेरी भी.संगीता जी ,मन की बात कह दी आपने !

ashish Sun May 13, 10:23:00 pm  

मातृ दिवस पर हार्दिक शुभकामनायें.

सहज साहित्य Sun May 13, 10:28:00 pm  

सभी हाइकु बहुत अच्छे हैं। अपनी हाइकु की यह भावात्मक यात्रा जारी रखिए !! बधाई !!

चला बिहारी ब्लॉगर बनने Sun May 13, 10:49:00 pm  

बहुत ही खूबसूरत हाइकू, दी..
उतनी ही सुन्दर माँ की छवि!!

expression Sun May 13, 10:49:00 pm  

कितनी सारी यादें सिमट आयीं इन नन्हे से हायेकु में......

बहुत सुंदर संगीता दी.

सादर.

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) Sun May 13, 11:25:00 pm  

माँ ने जिन पर कर दिया, जीवन को आहूत
कितनी माँ के भाग में , आये श्रवण सपूत
आये श्रवण सपूत , भरे क्यों वृद्धाश्रम हैं
एक दिवस माँ को अर्पित क्या यही धरम है
माँ से ज्यादा क्या दे डाला है दुनियाँ ने
इसी दिवस के लिये तुझे क्या पाला माँ ने ?

वाणी गीत Mon May 14, 06:22:00 am  

माँ का लगाया काज़ल का दिठौना हमेशा याद ~
नन्हे मुन्ने हायकू !

ऋता शेखर मधु Mon May 14, 07:02:00 am  

सभी हाइकु माँ का स्नेह परिभाषित कर रहे हैं...

एक मेरी ओर से...

तपती धूप
हाथ थे पाँव तले
आँचल-छाया.

Surendra shukla" Bhramar"5 Mon May 14, 09:13:00 am  

मीठी निबौरी
माँ की फटकार
गुणी औषध ।

राह तकते
करती इंतज़ार
माँ की नज़र ।
आदरणीया संगीता जी ..बहुत सुन्दर..थोड़ी देर नहीं हुयी बच्चे का लौटना की माँ का दिल तड़पने लगता है .. ....माँ रचती रहती है काश उस रचना को लोग सम्हालें ..जय श्री राधे
भ्रमर ५

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार Mon May 14, 11:06:00 am  

.

प्रणाम !
सुंदर भावपूर्ण हाइकु …


# मेरी ओर से भी …

वाह जी वाह !
अच्छा लिखा आपने
बहुत ख़ूब !

:)

जोर से बोलो
सब मिल के बोलो
जय माता दी

:)


मंगलकामनाओं सहित…
-राजेन्द्र स्वर्णकार

Maheshwari kaneri Mon May 14, 11:21:00 am  

सभी हाइकु मे माँ की ममता सिमटी हुई है...बहुत सुन्दर...संगीताजी..

Rajesh Kumari Mon May 14, 11:56:00 am  

आपकी इस उत्कृष्ठ प्रविष्टि की चर्चा कल मंगल वार १५ /५/१२ को राजेश कुमारी द्वारा चर्चा मंच पर की जायेगी |

अनुपमा पाठक Mon May 14, 12:29:00 pm  

माँ की महिमा अपार!
सुन्दर स्नेहिल हाइकु!

मनोज कुमार Mon May 14, 12:56:00 pm  

हाल्कु विधा पर आपने महारत हासिल कर ली है। इन पंक्तियों में बड़े संश्लिष्ट भाव आ रहे हैं।

सदा Mon May 14, 01:17:00 pm  

भावमय करते शब्‍दों का संगम ... आभार ।

Sawai Singh Rajpurohit Mon May 14, 04:31:00 pm  

सुंदर अभिव्यक्ति...

Reena Maurya Mon May 14, 08:12:00 pm  

सुन्दर और बेहतरीन हाईकु :-)

M VERMA Mon May 14, 08:46:00 pm  

बहुत सुन्दर
माँ तो बस माँ है

lokendra singh rajput Tue May 15, 12:13:00 am  

मां की महिमा निराली...

डॉ॰ मोनिका शर्मा Tue May 15, 12:18:00 am  

बहुत सुन्दर, स्नेहिल हाइकु.....

anju(anu) choudhary Tue May 15, 12:21:00 pm  

खूबसूरत और बेजोड लेखनी .....

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" Tue May 15, 02:26:00 pm  

maa ke riston ke har pahloo ko kshoote ..behtarin rachnayein..wakai m mata to mata hee hoti hai..uska koi bikalp nahi..sadar pranaam ke sath

Meeta Tue May 15, 03:20:00 pm  

Simple...Sweet!!

Regards.

Dr. sandhya tiwari Tue May 15, 04:55:00 pm  

बहुत सुन्दर हाइकु ----------आभार

मनोज कुमार Tue May 15, 05:12:00 pm  

भावुक कर देने वाली तस्वीर लगाई है आपने।

दिगम्बर नासवा Tue May 15, 06:09:00 pm  

मीठी निबौरी
माँ की फटकार
गुणी औषध ..

माँ की तो हर बात दवाई की तरह काम करती है ... कड़वी हो के भी मीठी रहती है ... सभी हाइकू लाजवाब हैं ..

***Punam*** Tue May 15, 09:34:00 pm  

बहुत सुंदर....
कम शब्दों में सुंदर अभिव्यक्ति...!!

महेन्द्र श्रीवास्तव Tue May 15, 09:47:00 pm  

बहुत सुंदर

सच में मेरा यही मानना है कि आज जिनके ऊपर मां का साया है, वो दुनिया के सबसे धनवानों में शामिल हैं, पर जिस पर मां की साया हट गई है, मुझे लगता है कि वो भी मेरी तरह खुद को सबकुछ होते हुए भी कंगाल समझते होंगे..

रेखा श्रीवास्तव Tue May 15, 10:50:00 pm  

bilkul sach ko vyakt karte haaikoo.
maan ko samarpit. bahut sundar .

Dr (Miss) Sharad Singh Wed May 16, 10:23:00 am  

मीठी निबौरी
माँ की फटकार
गुणी औषध ।


सभी हायकू बहुत सुन्दर...हृदयस्पर्शी....

निर्मला कपिला Thu May 17, 09:01:00 am  

सुन्दर र हाइकु। बधाई.

veerubhai Thu May 17, 02:06:00 pm  

ये हाइकु का ही दौर है -
अम्मा
एक रोशनदान
ताज़ी हवा का .बढ़िया हैं सभी हाइकु आपके - .
कृपया यहाँ भी पधारें -
बृहस्पतिवार, 17 मई 2012
कैसे करता है हिफाज़त नवजात की माँ का दूध
कैसे करता है हिफाज़त नवजात की माँ का दूध
http://veerubhai1947.blogspot.in/

प्रतीक माहेश्वरी Thu May 17, 03:11:00 pm  

बेहतरीन हाइकू माँ और यादों को संजोते!

Kailash Sharma Thu May 17, 08:35:00 pm  

बहुत सुन्दर हाइकु....आभार

Kunwar Kusumesh Sun May 20, 07:31:00 am  

बढ़िया हाइकु.

Swati Vallabha Raj Tue May 22, 12:39:00 pm  

bahut hi sundar...maa sarwopari hai...

Shanti Garg Thu May 24, 11:33:00 am  

बहुत ही बेहतरीन रचना....
मेरे ब्लॉग

विचार बोध
पर आपका हार्दिक स्वागत है।

आशा जोगळेकर Tue May 29, 10:17:00 pm  

माँ की यादें
कितनी प्यारी
उसके आंचल सी ।

मातृदिवस पर ये प्यार भरे हाइकू माँ की याद दिला गये ।

manukavya Fri Jun 08, 12:14:00 am  

मीठी निबौरी
माँ की फटकार
गुणी औषध ।

सच है माँ का दुलार और माँ की फटकार... सब भले के लिए ही होते हैं... वो माँ ही तो है जो गीली माटी को जीवन की चाक पर धार कर अपने हांथों से आकार देती है...
सभी हाइकू बहुत सुंदर हैं संगीता जी..
सादर
मंजु

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