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गमकती यादें ..../ हाइकु

>> Wednesday, 12 December 2012





यादों की झड़ी 
खुशी - गम  का साया 
आँखों से झरी ।


 
      
सुकून मिला 
तेरी यादों का टेसू 
गमक गया । 


यादों के घेरे 
तुम जैसे सम्मुख 
बंद थीं आँखें । 


अमलतास  सा 
खिला तेरा चेहरा 
यादों में बसा ।


कब भूली मैं 
पल -पल बिताया 
साथ सँजोया । 

49 comments:

सदा Wed Dec 12, 02:59:00 pm  

अमलतास सा
खिला तेरा चेहरा
यादों में बसा ।
...
कब भूली मैं
पल -पल बिताया
साथ सँजोया ।

वाह ... बहुत खूब ...

रंजना [रंजू भाटिया] Wed Dec 12, 03:04:00 pm  

अमलतास सा
खिला तेरा चेहरा
यादों में बसा ।......वाह बहुत सुन्दर हर हाइकु लाजवाब है ...

shikha varshney Wed Dec 12, 03:09:00 pm  

एहसास है
मेरे मन में तेरा
फिर क्या गम
:) ये हाइकू हुआ न दी ?!!
इतने सुन्दर भाव इतने कम शब्दों में अभिव्यक्त करना आपके ही वश का है बस.

संगीता स्वरुप ( गीत ) Wed Dec 12, 03:13:00 pm  

शिखा ,
लिख तो तुमने भी लिया , इतने कम शब्दों में :):)
तेरा नेह ही
देता मुझे संबल
मेरी प्रेरणा ।

Vibha Rani Shrivastava Wed Dec 12, 03:33:00 pm  

सुकून मिला
तेरी यादों का टेसू
गमक गया ।

कब भूली मैं
पल -पल बिताया
साथ सँजोया ।

लाजबाब हाइकू और अद्धभुत अभिव्यक्ति दी :))
सादर !!

vandana gupta Wed Dec 12, 03:49:00 pm  

अमलतास सा
खिला तेरा चेहरा
यादों में बसा ।

जबरदस्त हाइकू।

ashish Wed Dec 12, 04:23:00 pm  

ये छुटकू तो है मगर अद्भुत भाव संप्रेषित करते है . बहुत सुन्दर . हम तो लिखिए नहीं पाते.

रश्मि प्रभा... Wed Dec 12, 05:19:00 pm  

dekhan mein chhotan .... prabhaw ati gambheer

expression Wed Dec 12, 05:31:00 pm  

सुन्दर सुन्दर ...बहुत सुन्दर हायकू दी....
बहुत बढ़िया...

सादर
अनु

ऋता शेखर मधु Wed Dec 12, 06:03:00 pm  

आपके हाइकुओं के साथ जुगलबंदी की कोशिश की हैः)
१.
यादों की झड़ी
खुशी - गम का साया
आँखों से झरी ।

आँखों से झरी
तेरी यादों के मोती
पिरोती गई|-ऋता

२.

सुकून मिला
तेरी यादों का टेसू
गमक गया ।

टेसू गमका
बिना याद किए ही
तू याद आया|- ऋता


३.
यादों के घेरे
तुम जैसे सम्मुख
बंद थीं आँखें ।

बंद आँखों में
चुपके से तू आया
तू हू समाया| - ऋता

४.
अमलतास सा
खिला तेरा चेहरा
यादों में बसा ।

यादों में दिखा
खिला अमलतास
तू ही था पास| - ऋता

५.
कब भूली मैं
पल -पल बिताया
साथ सँजोया ।

भूल न सकी
हर पल को मैंने
संजो के रखा | - ऋता

इस जुगलबंदी को हिन्दी हाइगा पर ले जाऊँगीः)

यादें....ashok saluja . Wed Dec 12, 07:11:00 pm  

जब-जब तेरी याद आई
साथ यादों की बारात लाई...

शुभकामनायें!

डॉ टी एस दराल Wed Dec 12, 07:31:00 pm  

बहुत सुन्दर हाइकु।

Maheshwari kaneri Wed Dec 12, 07:40:00 pm  

वाह: सभी हाइकु बहुत सुन्दर है ..

Mamta Bajpai Wed Dec 12, 08:28:00 pm  


कब भूली मैं
पल -पल बिताया
साथ सँजोया । बहुत बढ़िया सगीता जी

Kailash Sharma Wed Dec 12, 08:31:00 pm  

अमलतास सा
खिला तेरा चेहरा
यादों में बसा ।

कब भूली मैं
पल -पल बिताया
साथ सँजोया ।

...बहुत खूब! सभी हाइकु बहुत सुन्दर...

Anupama Tripathi Wed Dec 12, 09:08:00 pm  

कब भूली मैं
पल -पल बिताया
साथ सँजोया ।

बहुत सुंदर मीठी यादें ....!!
और जुगालबंदी तो लाजवाब ....

Parul Wed Dec 12, 09:43:00 pm  

aap bhi shbdon mein nayi urja bhar deti hai..!

प्रतिभा सक्सेना Wed Dec 12, 10:42:00 pm  

वाह आप ही कौन कम थीं, ऊपर से ऋता जी की जुगलबंदी -आनन्द आ गया १

Reena Maurya Wed Dec 12, 10:54:00 pm  

बहुत ही सुन्दर
और बेहतरीन हाईकु
:-)

संगीता स्वरुप ( गीत ) Wed Dec 12, 11:05:00 pm  

सभी पाठकों का आभार ...

ऋता जी,
आपकी जुगलबंदी लाजवाब है ॥ हाइगा पर ले जाने के लिए शुक्रिया

Sadhana Vaid Thu Dec 13, 12:10:00 am  

सभी हाइकू लाजवाब हैं संगीता जी ! आज तो आपने मन की सोयी यादों को जगा दिया ! बहुत सुन्दर !

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया Thu Dec 13, 12:28:00 am  

बहुत बढिया हाइकू , बधाई संगीता जी

recent post हमको रखवालो ने लूटा

रचना दीक्षित Thu Dec 13, 07:46:00 am  

सभी हाईकू बेहतरीन है लेकिन ऋता जी ने जुगलबंदी बहुत ही उम्दा निभाई है. मन भाबविभोर हो उठा.

Amrita Tanmay Thu Dec 13, 08:05:00 am  

बेहतरीन हाईकू..

yashoda agrawal Thu Dec 13, 08:11:00 am  

नहीं है जरूरत
जाने की
कवि-सम्मेलन है यहीं

वाणी गीत Thu Dec 13, 10:31:00 am  


यादों के घेरे जैसे तुम सामने ...
सभी एक से बढ़ कर एक !

smt. Ajit Gupta Thu Dec 13, 11:53:00 am  

बढिया, बधाई।

अरुन शर्मा "अनंत" Thu Dec 13, 01:32:00 pm  

सारे के सारे हाइकू ह्रदय में घर कर गए बधाई स्वीकारें
RECENT POST चाह है उसकी मुझे पागल बनाये

अनामिका की सदायें ...... Thu Dec 13, 02:05:00 pm  

chhutku si hain hayiku..
magar hain dynamite
rah rah kar bhramit karain..
padhen to aanand aaye.

यशवन्त माथुर Thu Dec 13, 02:58:00 pm  

बेहतरीन हाइकु आंटी !


सादर

संध्या शर्मा Thu Dec 13, 03:55:00 pm  

यादें भी खुशबू से महकने लगीं... लाजबाब हायकू... आभार

Ankur Jain Thu Dec 13, 09:42:00 pm  

हर एक पंक्ति खूबसूरत है साथ ही हर पंक्ति के साथ चित्रों का जो समायोजन किया है...लाजबाब।।।

vandana Fri Dec 14, 05:50:00 am  

बहुत सुन्दर पक्तियां और बहुत सुन्दर प्रस्तुतिकरण

मनोज कुमार Fri Dec 14, 10:28:00 pm  

यादों के विभिन्न शेड्स इन हाइकुओं में खुल कर व्यक्त हुए हैं।

ऋता शेखर मधु Sat Dec 15, 08:04:00 pm  

आपके हाइगा नीचे की लिंक पर...आभार !!

संगीता स्वरूप जी के हाइकुओं के साथ मेरी जुगलबंदी - हाइगा में

ऋता शेखर मधु Sat Dec 15, 08:06:00 pm  

http://hindihaiga.blogspot.in/2012/12/blog-post_15.html

Anita Sun Dec 16, 05:53:00 pm  

बहुत सुंदर भावभीने हाईकु दीदी !:) ऋता जी की जुगलबंदी से खूबसूरती और भी बढ़ गयी !:)
एक मेरी तरफ से भी~
यादों के मेले,
जब दिल में सजे..
खोया खुद को..! :)
क्षमा कीजिएगा, शहर से बाहर जाने और वापस लौट कर आने के बाद से तबीयत कुछ ठीक नहीं, इसी कारण लिखना-देखना-पढ़ना सब ज़रा रुक गया है..:(

वीना Mon Dec 17, 12:12:00 pm  

अमलतास सा
खिला तेरा चेहरा
यादों में बसा ।

कब भूली मैं
पल -पल बिताया
साथ सँजोया ।

बहुत ही सुंदर हाईकु...

Savita Mishra Mon Dec 17, 12:59:00 pm  

बहुत सुन्दर ....
नमस्ते दी ...आपका बहुत बहुत आभार हमारे ब्लॉग पर आ हमें प्रोत्साहित करने का आशा है यूँ ही उत्साहवर्धन करतें रहेगें ....

दिगम्बर नासवा Mon Dec 17, 01:30:00 pm  

सभी हाइकू लाजवाब ...
अलग सी खुशबू लिए ... कमाल के ...

Kailash Sharma Mon Dec 24, 07:39:00 pm  

बहुत सुन्दर हाइकु..

आशा जोगळेकर Fri Jan 11, 02:28:00 pm  

यादों के हाइकू
सलोने मन भावन
कितने प्यारे ।

आशा जोगळेकर Fri Jan 11, 02:28:00 pm  

यादों के हाइकू
सलोने मन भावन
कितने प्यारे ।

Rachana Thu Jan 24, 01:31:00 am  

यादों के घेरे
तुम जैसे सम्मुख
बंद थीं आँखें ।
bahut sunder haiku sare padhe ek se badh kar ek
badhai
rachana

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