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आंसू और बारिश

>> Friday, 21 October 2011




मिलते होंगे 
लोगों को 
न जाने 
कितने कंधे 
रोने के लिए ,
मुझे तो 
बारिश से 
मुहब्बत है 
जो निभाती  है 
हर बार 
मेरा साथ .



80 comments:

vidya Fri Oct 21, 01:52:00 pm  

बहुत सुन्दर रचना....जैसे मेरे दिल की भी बात हो.

मनोज कुमार Fri Oct 21, 01:58:00 pm  

रचना के भाव मन को गीला कर गए।

प्रवीण पाण्डेय Fri Oct 21, 02:04:00 pm  

कठोरता को नम करती बारिश की बूदें।

Sadhana Vaid Fri Oct 21, 02:06:00 pm  

वाकई काँधे कब सिर के नीचे से सरक जायें कोई भरोसा नहीं बारिश हमेशा वफादारी से साथ निभाती है ! बहुत कोमल सुन्दर रचना !

ashish Fri Oct 21, 02:17:00 pm  

सुँदर भाव . कोमलता टपक रही है . आभार

usha rai Fri Oct 21, 02:18:00 pm  

सिर्फ आंसू काफी नहीं होते गम भुलाने के लिए ,आंसुओं की बरसात हो तो कुछ बात बने ! इस मीठी कविता के लिए बहुत बहुत बधाई !

shikha varshney Fri Oct 21, 02:34:00 pm  

बेशक कर मोहब्बत बारिशों से तू.
एक कंधा सदा हाजिर है
बस ये याद रखना.
बहुऊऊऊऊत कोमल रचना.

सदा Fri Oct 21, 02:45:00 pm  

मुझे तो
बारिश से
मुहब्बत है
जो निभाती है
हर बार
मेरा साथ .
वाह ...बहुत ही नाजुक अहसास ... ।

इमरान अंसारी Fri Oct 21, 03:07:00 pm  

सुभानाल्लाह.......दिल जीत लिया......बहुत ही खूबसूरत|

वाणी गीत Fri Oct 21, 03:27:00 pm  

दूसरों के सर पर कंधे रख कर ना रोने वालों के लिए बरसात कितनी अपनी है ...
सुन्दर !

वन्दना Fri Oct 21, 03:35:00 pm  

बहुत बडी बात कह दी………………महसूस कर रही हूँ।

रश्मि प्रभा... Fri Oct 21, 03:39:00 pm  

kandhe to saath chhod bhi den ye fuhaaren chehre per saath rahti hain

Pallavi Fri Oct 21, 03:43:00 pm  

komal aur behad sundar bhav liye hamesha ki tarah ek aur bahtareen rachnaa bahut kam shabdon men, aur bahut hee salartaa se aap ki har post ek gahari baat badi asani se kah jaati hai jo mere man ko bahut baahti hai .....

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) Fri Oct 21, 03:55:00 pm  

वाह आंटी...क्या गजब का लिखा है।

सादर

kanu..... Fri Oct 21, 04:29:00 pm  

sach kaha aapne aunty.hajaron kandein utne bhale nahi lagte jitni barish ki boondein apne me sama bhi leti hai ansuon ko aur kisi ko khabar bhi nahi hoti

S.N SHUKLA Fri Oct 21, 04:50:00 pm  

भावपूर्ण प्रस्तुति,
अति सुन्दर , बधाई स्वीकारें.

Amrita Tanmay Fri Oct 21, 05:23:00 pm  

बहुत खूबसूरत सच !

M VERMA Fri Oct 21, 06:47:00 pm  

मुझे तो
बारिश से
मुहब्बत है
एहसास का खूबसूरत स्वर ...

dheerendra11 Fri Oct 21, 06:52:00 pm  

संगीता जी,

आपकी हर रचनाएँ हमेशा अच्छी होती है,सुंदर पोस्ट...बधाई.....

Kailash C Sharma Fri Oct 21, 06:54:00 pm  

बहुत खूब ! लाज़वाब कोमल अहसास..

Dr.Nidhi Tandon Fri Oct 21, 07:20:00 pm  

बारिशों को ...अश्क छिपाने का हुनर आता है ...सुन्दर !!

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') Fri Oct 21, 08:05:00 pm  

वाह दी....
भीगी भिगोती सी रचना....
सादर...

Bhushan Fri Oct 21, 08:42:00 pm  

बारिश भी सखी के कंधे सी हो जाती है जब मन ऐसे भावों से भर जाए. सुंदर कविता.

रचना दीक्षित Fri Oct 21, 09:22:00 pm  

ये बहाना भी अच्छा लगा. कविता का भावपक्ष बहुत प्रबल है.

देवेन्द्र पाण्डेय Fri Oct 21, 10:12:00 pm  

सही है।
बारिश काफी सकून देती है गम के मारों को।

Amit Chandra Fri Oct 21, 10:47:00 pm  

शानदार नज़म बहुत खूब.

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार Fri Oct 21, 11:15:00 pm  




मिलते होंगे
लोगों को
न जाने
कितने कंधे
रोने के लिए ,
मुझे तो
बारिश से
मुहब्बत है
जो निभाती है
हर बार
मेरा साथ


जो साथ निभाता है उससे मुहब्बत होना लाज़मी भी है आदरणीया संगीता जी
क्या बात है !
वाह ! अच्छा अंदाज़े-बयां है …
बधाई !

साथ ही
दीपावली की बधाइयां !
शुभकामनाएं !
मंगलकामनाएं !

-राजेन्द्र स्वर्णकार

संध्या शर्मा Sat Oct 22, 10:41:00 am  

मुझे तो
बारिश से
मुहब्बत है
जो निभाती है
हर बार
मेरा साथ
सही कहा है आपने कांधे की क्या बात है, रोती है साथ - साथ अपने की तरह....कोमल अहसास

ajit gupta Sat Oct 22, 11:27:00 am  

काहे को रोना, सावन का साथ दो।

Maheshwari kaneri Sat Oct 22, 05:18:00 pm  

वह:क्या गजब का लिखा है। आभार..

सुमन'मीत' Sat Oct 22, 11:24:00 pm  

aansu aur barish ka rishta purana hai...

Taru Sat Oct 22, 11:48:00 pm  

मम्मा, साथ और सहारा देने में वाक़ई बहुत फ़र्क है...:)

S.N SHUKLA Sun Oct 23, 10:52:00 am  

सुन्दर सृजन के लिए बधाई स्वीकारें.

समय- समय पर मिले आपके स्नेह, शुभकामनाओं तथा समर्थन का आभारी हूँ.

प्रकाश पर्व( दीपावली ) की आप तथा आप के परिजनों को मंगल कामनाएं.

Ravinderkumar Sun Oct 23, 11:04:00 am  

रचना अत्यंत सुंदर बन पडी‌ है बहुत बहुत बधाई

संतोष त्रिवेदी Sun Oct 23, 02:21:00 pm  

हम ही अपने असली साथी हैं...!

दिगम्बर नासवा Sun Oct 23, 02:31:00 pm  

बहुत खूब ... बारिश आंसुओं का एहसास नहीं होने देती ...

दर्शन कौर Sun Oct 23, 05:30:00 pm  

बरसात का मौसम बड़ा ज़ालिम हैं क्यों आंसू बहाता हैं
इतना पानी कम नहीं,जो आँखों से बरसाता हैं !

***Punam*** Sun Oct 23, 05:50:00 pm  

"मिलते होंगे
लोगों को
न जाने
कितने कंधे
रोने के लिए ,
मुझे तो
बारिश से
मुहब्बत है
जो निभाती है
हर बार
मेरा साथ ."

कम शब्दों में गहरी बात...

डॉ॰ मोनिका शर्मा Mon Oct 24, 04:13:00 am  

बहुत सुंदर ...गहरी बात

कुमार राधारमण Mon Oct 24, 12:00:00 pm  

इस ब्लॉग पर बहुत तनाव है। अब नहीं लौटूंगा।

Kunwar Kusumesh Mon Oct 24, 09:01:00 pm  

ज़बरदस्त भावों से लबरेज़.
दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें.

dheerendra11 Tue Oct 25, 12:59:00 am  

पूरे परिवार को दीपावली,धनतेरस,भाईदूज,की हार्दिक शुभकामनाए.....

Kailash C Sharma Tue Oct 25, 01:51:00 pm  

दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें!

सागर Tue Oct 25, 04:08:00 pm  

bhaut khubsurat.... happy diwali....

आशा जोगळेकर Tue Oct 25, 07:35:00 pm  

कभी आंसुओं को छुपाती ये बारिश, तो क्यूं न अच्छी लगे ।

प्रेम सरोवर Wed Oct 26, 07:55:00 am  

पोस्ट अच्छा लगा । मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है । दीपावली की शुभकामनाएं । धन्यवाद ।

minoo bhagia Wed Oct 26, 10:23:00 am  

bahut sunder , happy deepawali sangeeta ji

Vaneet Nagpal Wed Oct 26, 11:27:00 am  

क्षमा प्रार्थी हूँ | एक जगह पर खाली बटन रह गया जहाँ पर आपका नाम लिखा जाना था | गलती सुधर दी गयी है | नीचे से दूसरी लाइन पर आपका नाम लिखा हुआ है | आप इस लिंक पर चैक करें |

mridula pradhan Wed Oct 26, 12:21:00 pm  

komal-komal si......bhawpoorn.

नश्तरे एहसास ......... Wed Oct 26, 01:22:00 pm  

Bahut hi sunder prastuti....
Aapko Diwali ki dher sari shubhkamnayein:)

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' Wed Oct 26, 05:01:00 pm  

बहुत सुन्दर रचना...
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

ZEAL Thu Oct 27, 12:36:00 pm  

bahut sundar rachna sangeeta ji

हरकीरत ' हीर' Thu Oct 27, 10:31:00 pm  

दुआ है ये साथ बना रहे ...

:))

मेरे भाव Fri Oct 28, 01:52:00 pm  

गंभीर कविता...

Kajal Kumar Sun Oct 30, 06:08:00 am  

waao different perspective

निर्मला कपिला Sun Oct 30, 09:24:00 am  

अँसूओं की बारिश किसी कन्धे से कम नहीं। सुन्दर भा

प्रेम सरोवर Sun Oct 30, 04:54:00 pm  

आपका पोस्ट अच्छा लगा । .मेरे नए पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।

Babli Mon Oct 31, 01:27:00 pm  

बहुत ख़ूबसूरत और भावपूर्ण रचना! बधाई!
मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

Rajesh Kumari Mon Oct 31, 05:19:00 pm  

baarish aur nayano ka to humesha ka saath raha hai...lajabaab.

Anju Wed Nov 02, 10:53:00 pm  

मुझे तो
बारिश से
मुहब्बत है
जो निभाती है
हर बार
मेरा साथ "

बहुत ख़ूबसूरत...!

Reena Maurya Tue Nov 08, 10:16:00 pm  

बहुत सुन्दर रचना.

Mamta Bajpai Mon Nov 14, 10:39:00 pm  

बहुत सुन्दर रचना

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" Mon Nov 28, 07:16:00 pm  

मुझे तो
बारिश से
मुहब्बत है
जो निभाती है
हर बार
मेरा साथ..wakai lajabab..riston ko banane me koi mahanta nahi mahanta hai riston ko nibhane mein..sadar badhayee aaur pranam ke sath

Anand Dwivedi Fri Dec 02, 02:50:00 pm  

मुझे भी बारिश से बहुत मोहब्बत है दीदी ..
उफ्फ्फ
कितनी कोमल कविता लिखी है आपने
प्रणाम !

mehek Sat Dec 17, 09:49:00 am  

mann bhig gaya,sunder bhav,ajj bahut dino baad khub saari sunder si kavitayin padhi,waqt ke kami ke kaaran sabhi par comment nahi kar paa rahi sangeeta ji,magar sach kahu behad sukun mila.sadar mehek.

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