copyright. Powered by Blogger.

साया

>> Wednesday, 22 October 2008

तेरी ही ख्वाहिश की है मैंने तुझे ही चाहा है ,
हर पल तुझको मैंने अपने करीब पाया है ,
बेबसी है अब भी कुछ यूँ मेरी ज़िन्दगी में ,
तू नहीं मेरे साथ सिर्फ तेरा साया है ।

About This Blog

Labels

Lorem Ipsum

ब्लॉग प्रहरी

ब्लॉग परिवार

Blog parivaar

हमारी वाणी

www.hamarivani.com

लालित्य

  © Free Blogger Templates Wild Birds by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP